Indraprastha Gas Limited ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिनमें कंपनी का प्रदर्शन दबाव में दिखाई दिया है।

Indraprastha Gas Limited ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिनमें कंपनी का प्रदर्शन दबाव में दिखाई दिया है। हालांकि कंपनी के राजस्व में सालाना (YoY) और तिमाही (QoQ) आधार पर वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन EBITDA, प्रॉफिट और मार्जिन में गिरावट देखने को मिली है। बढ़ती गैस लागत और मार्जिन दबाव का असर कंपनी की लाभप्रदता पर पड़ा है।

Q4FY26 में कंपनी का कुल राजस्व बढ़कर 4,584.58 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 4,337.57 करोड़ रुपये था। वहीं पिछली तिमाही में यह 4,488 करोड़ रुपये के आसपास था। यानी कंपनी ने YoY आधार पर लगभग 5.7% और QoQ आधार पर लगभग 2.1% की वृद्धि दर्ज की है। यह वृद्धि गैस बिक्री वॉल्यूम और उपभोक्ता मांग में स्थिरता का संकेत देती है।

हालांकि EBITDA के स्तर पर Indraprastha Gas Limited को दबाव का सामना करना पड़ा। Q4FY26 में EBITDA घटकर 421.06 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 492.95 करोड़ रुपये था। यानी EBITDA में लगभग 14.6% की YoY गिरावट दर्ज की गई है।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी घटकर 9.18% रह गया, जो पिछले वर्ष 11.36% और पिछली तिमाही में 10.49% था। मार्जिन में यह गिरावट गैस इनपुट लागत बढ़ने और प्रतिस्पर्धी दबाव के कारण मानी जा रही है।

प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) भी घटकर 446.60 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 569.70 करोड़ रुपये था। वहीं प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) घटकर 338.75 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वर्ष 453.21 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी के शुद्ध मुनाफे में लगभग 25% की गिरावट दर्ज की गई है।

PAT After Minority Interest भी घटकर 340.54 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 455.14 करोड़ रुपये था। हालांकि, अन्य आय (Other Income) बढ़कर 100.20 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष 93.54 करोड़ रुपये थी। इससे कंपनी को कुछ हद तक समर्थन मिला।

Indraprastha Gas Limited दिल्ली-NCR क्षेत्र में CNG और PNG वितरण कारोबार की प्रमुख कंपनी है। कंपनी घरेलू, औद्योगिक और ऑटोमोबाइल ग्राहकों को गैस आपूर्ति करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) की मांग और गैस आधारित ईंधन को बढ़ावा मिलने से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के लिए दीर्घकालिक अवसर मजबूत बने हुए हैं। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की चुनौती के बावजूद CNG सेगमेंट अभी भी मजबूत मांग बनाए हुए है।

हालांकि, प्राकृतिक गैस कीमतों में उतार-चढ़ाव, सरकारी नीतियां और प्रतिस्पर्धा निकट अवधि में मार्जिन पर दबाव बनाए रख सकती हैं। इसके बावजूद, कंपनी की मजबूत नेटवर्क उपस्थिति और स्थिर ग्राहक आधार उसकी बड़ी ताकत मानी जाती है।

कुल मिलाकर, Indraprastha Gas के Q4FY26 नतीजे कमजोर रहे हैं। राजस्व वृद्धि सकारात्मक रही, लेकिन EBITDA, मार्जिन और मुनाफे में गिरावट कंपनी पर बढ़ते लागत दबाव को दर्शाती है। आने वाले समय में गैस कीमतों की दिशा और मार्जिन स्थिरता निवेशकों के लिए प्रमुख फोकस रहेगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

PHP Code Snippets Powered By : XYZScripts.com