Dodla Dairy ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिनमें कंपनी का प्रदर्शन मिश्रित रहा है।

Dodla Dairy ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिनमें कंपनी का प्रदर्शन मिश्रित रहा है। कंपनी ने राजस्व और शुद्ध मुनाफे में हल्की वृद्धि दर्ज की है, लेकिन EBITDA और EBITDA मार्जिन में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। बढ़ती दूध खरीद लागत और इनपुट खर्चों का असर कंपनी की ऑपरेशनल लाभप्रदता पर पड़ा है।

Q4FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड राजस्व बढ़कर 1,070 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 910 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने लगभग 17.5% की सालाना (YoY) वृद्धि दर्ज की है। यह वृद्धि दूध और डेयरी उत्पादों की मजबूत मांग तथा बिक्री वॉल्यूम में सुधार का संकेत देती है।

हालांकि EBITDA के स्तर पर Dodla Dairy को दबाव का सामना करना पड़ा। Q4FY26 में EBITDA घटकर 53.7 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 83.6 करोड़ रुपये था। यानी EBITDA में लगभग 36% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी घटकर 5% रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 9.19% था। मार्जिन में यह तेज गिरावट मुख्य रूप से दूध खरीद कीमतों में वृद्धि, कच्चे माल की लागत और परिचालन खर्च बढ़ने के कारण मानी जा रही है। डेयरी उद्योग में लागत दबाव का असर कई कंपनियों पर देखने को मिल रहा है।

इसके बावजूद, शुद्ध मुनाफे (Net Profit) के स्तर पर कंपनी ने हल्की वृद्धि दर्ज की है। Q4FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 69.7 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 68 करोड़ रुपये था। यानी PAT लगभग स्थिर लेकिन सकारात्मक रहा।

Dodla Dairy दूध, दही, घी, बटर और अन्य डेयरी उत्पादों के कारोबार में सक्रिय है। कंपनी दक्षिण भारत सहित कई क्षेत्रों में मजबूत वितरण नेटवर्क और ब्रांड उपस्थिति रखती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में डेयरी उत्पादों की मांग लंबी अवधि में मजबूत बनी रहने की संभावना है। बढ़ती आय, शहरीकरण और पैकेज्ड डेयरी उत्पादों की मांग Dodla Dairy जैसी कंपनियों के लिए अवसर पैदा कर रही है।

हालांकि, दूध खरीद लागत में उतार-चढ़ाव, पशु चारा कीमतों में वृद्धि और प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां निकट अवधि में मार्जिन पर दबाव बनाए रख सकती हैं। इसके बावजूद, कंपनी की मजबूत ब्रांड मौजूदगी और बढ़ता वितरण नेटवर्क दीर्घकालिक ग्रोथ को समर्थन दे सकते हैं।

कंपनी आने वाले समय में वैल्यू-ऐडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर अधिक फोकस कर सकती है, जिससे बेहतर मार्जिन हासिल करने में मदद मिल सकती है।

कुल मिलाकर, Dodla Dairy के Q4FY26 नतीजे मिश्रित रहे हैं। राजस्व और नेट प्रॉफिट में वृद्धि सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन EBITDA और मार्जिन में बड़ी गिरावट कंपनी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। बढ़ती लागत के बीच कंपनी की लाभप्रदता सुधारने की क्षमता आगे निवेशकों की नजर में रहेगी।

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