Persistent Systems ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जो समग्र रूप से “डिसेंट” माने जा रहे हैं, हालांकि कुछ मोर्चों पर प्रदर्शन उम्मीद से थोड़ा कमजोर रहा है। कंपनी ने साल-दर-साल मजबूत ग्रोथ दिखाई है, लेकिन तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर वृद्धि थोड़ी सीमित रही है, जो बाजार की अपेक्षाओं से नीचे मानी जा रही है।
राजस्व के स्तर पर कंपनी ने अच्छी बढ़त दर्ज की है। Q4 में कुल राजस्व 4,056 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष 3,242 करोड़ रुपये था, जबकि पिछली तिमाही (Q3) में यह 3,778 करोड़ रुपये था। डॉलर रेवेन्यू में भी लगभग 3.2% QoQ वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन यह अनुमान से थोड़ा कम रही। यह संकेत देता है कि डिमांड बनी हुई है, परंतु ग्रोथ की गति कुछ धीमी पड़ी है।
मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) बढ़कर 674 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 505 करोड़ रुपये था, जबकि Q3 में यह 654 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, अन्य आय (Other Income) भी बढ़कर 33 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष 18 करोड़ रुपये थी। यह कंपनी की कुल लाभप्रदता को सपोर्ट करने वाला कारक रहा।
हालांकि, मार्जिन पर दबाव देखने को मिला है। Q4 में EBITDA मार्जिन 16.3% रहा, जो बाजार अनुमान 16.9% से कम है। यह गिरावट लागत बढ़ने और संभवतः हायरिंग या डिलीवरी खर्चों में वृद्धि के कारण हो सकती है। मार्जिन में यह हल्की कमजोरी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, खासकर तब जब कंपनी पहले से ही ऊंचे वैल्यूएशन (Rich Valuation) पर ट्रेड कर रही है।
ऑर्डर बुकिंग के आंकड़े भी मिश्रित संकेत देते हैं। Q4 में कुल TCV (Total Contract Value) बुकिंग $600.8 मिलियन रही, जबकि ACV (Annual Contract Value) $445.1 मिलियन रहा। हालांकि, TCV में तिमाही आधार पर लगभग 10% की गिरावट दर्ज की गई है, जो डील विंस की गति में थोड़ी नरमी का संकेत देती है। यह भविष्य की ग्रोथ विजिबिलिटी पर असर डाल सकता है।
सकारात्मक पहलुओं की बात करें तो ऑपरेटिंग कैश फ्लो (OCF) काफी मजबूत रहा है। Q4 में OCF 1,767 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष 1,156 करोड़ रुपये था। मजबूत कैश फ्लो कंपनी की वित्तीय स्थिरता और आगे के निवेश की क्षमता को दर्शाता है।
Persistent Systems का फोकस डिजिटल इंजीनियरिंग, क्लाउड और एआई आधारित सेवाओं पर बना हुआ है, जो लंबे समय में ग्रोथ के बड़े अवसर प्रदान करते हैं। हालांकि, शॉर्ट-टर्म में डील कन्वर्जन, मार्जिन प्रेशर और वैश्विक आईटी खर्च में अनिश्चितता जैसी चुनौतियां बनी रह सकती हैं।
कुल मिलाकर, Q4FY26 के नतीजे यह दर्शाते हैं कि कंपनी की ग्रोथ स्टोरी कायम है, लेकिन गति थोड़ी धीमी हुई है। मजबूत राजस्व और मुनाफा सकारात्मक हैं, परंतु कमजोर मार्जिन और TCV में गिरावट निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बिंदु हैं। आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन डील पाइपलाइन और मार्जिन सुधार पर निर्भर करेगा।

