Manappuram Finance ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में मजबूत वापसी करते हुए शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने राजस्व, मुनाफा और एसेट क्वालिटी—तीनों मोर्चों पर मजबूत सुधार दिखाया है। खासतौर पर माइक्रोफाइनेंस बिजनेस में लंबे समय बाद रिकवरी देखने को मिली है, जिसने बाजार का ध्यान आकर्षित किया है।
Q4FY26 में कंपनी का कुल राजस्व बढ़कर 2,614 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष 2,361 करोड़ रुपये और पिछली तिमाही (Q3) में 2,354 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने YoY और QoQ दोनों आधार पर अच्छी वृद्धि दर्ज की है। यह वृद्धि मुख्य रूप से गोल्ड लोन और अन्य लेंडिंग बिजनेस में मजबूत मांग के कारण संभव हुई है।
मुनाफे के स्तर पर कंपनी ने जोरदार सुधार दिखाया है। प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) Q4FY26 में 564 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष कंपनी को 236 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। वहीं Q3FY26 में PBT 303 करोड़ रुपये था। इसी तरह, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) बढ़कर 405 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष 203 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया था और पिछली तिमाही में PAT 239 करोड़ रुपये था।
Manappuram Finance के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर उसकी सहायक कंपनी Asirvad Microfinance की वापसी रही। पिछले 6-7 तिमाहियों से दबाव झेल रही इस यूनिट ने Q4FY26 में 41 करोड़ रुपये का PBT दर्ज किया, जबकि पिछली दो तिमाहियों में यह घाटे में थी। यह संकेत देता है कि माइक्रोफाइनेंस कारोबार में अब धीरे-धीरे स्थिरता लौट रही है।
कंपनी का मुख्य गोल्ड लोन बिजनेस लगातार मजबूत बना हुआ है। गोल्ड लोन AUM में सालाना आधार पर 61% की तेज वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कंपनी का कुल कंसोलिडेटेड AUM भी 52% YoY बढ़ा है। यह दर्शाता है कि ग्राहकों के बीच गोल्ड-आधारित लोन की मांग तेजी से बढ़ रही है।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी कंपनी ने बड़ा सुधार दिखाया है। ग्रॉस NPA (GNPA) घटकर 1.81% रह गया, जो पिछली तिमाही में 2.61% था। वहीं नेट NPA (NNPA) भी घटकर 1.51% हो गया, जो Q3 में 2.18% था। खराब ऋणों में यह गिरावट इस बात का संकेत है कि कंपनी की रिकवरी प्रक्रिया और जोखिम प्रबंधन मजबूत हो रहे हैं।
Manappuram Finance का मानना है कि आने वाले समय में गोल्ड लोन बिजनेस स्थिर ग्रोथ देता रहेगा, जबकि माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट में भी सुधार जारी रह सकता है। भारत में सोने के बढ़ते दाम और छोटे व्यवसायों व ग्रामीण ग्राहकों की क्रेडिट जरूरतें गोल्ड लोन कंपनियों के लिए सकारात्मक माहौल बना रही हैं।
हालांकि, माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में अभी भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं, जैसे कलेक्शन एफिशिएंसी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की स्थिति। इसके बावजूद, कंपनी के ताजा नतीजे संकेत देते हैं कि सबसे कठिन दौर अब पीछे छूटता नजर आ रहा है।
कुल मिलाकर, Manappuram Finance के Q4FY26 नतीजे बेहद सकारात्मक रहे हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि, नुकसान से मुनाफे में वापसी, बेहतर एसेट क्वालिटी और माइक्रोफाइनेंस बिजनेस में सुधार कंपनी के लिए भविष्य में और मजबूत प्रदर्शन की संभावनाएं पैदा करते हैं।

