नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ACME Solar Holdings ने राजस्थान में अपने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के फेज-III को सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया है। इस उपलब्धि के साथ प्रोजेक्ट की कुल क्षमता बढ़कर 107 मेगावाट (MW) हो गई है, जो कंपनी की ऊर्जा भंडारण क्षमताओं में महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाती है।
यह प्रोजेक्ट Rajasthan में स्थापित किया गया है, जहां सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। BESS तकनीक का उपयोग बिजली को स्टोर करने और जरूरत के समय उसे सप्लाई करने के लिए किया जाता है, जिससे ग्रिड की स्थिरता और विश्वसनीयता में सुधार होता है। खासतौर पर, यह तकनीक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर और पवन ऊर्जा की अनियमितता को संतुलित करने में अहम भूमिका निभाती है।
ACME Solar का यह कदम भारत में ऊर्जा संक्रमण (energy transition) की दिशा में एक बड़ा योगदान माना जा रहा है। जैसे-जैसे देश हरित ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस प्रोजेक्ट के जरिए कंपनी न केवल अपनी तकनीकी क्षमता को मजबूत कर रही है, बल्कि बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के लिए भी अधिक भरोसेमंद समाधान उपलब्ध करा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि BESS प्रोजेक्ट्स आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे, क्योंकि ये ग्रिड मैनेजमेंट और पीक डिमांड को संभालने में मदद करते हैं। ACME Solar का यह विस्तार भविष्य में और बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए रास्ता खोल सकता है।
कुल मिलाकर, फेज-III का कमीशन होना कंपनी की विकास रणनीति और भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

